
मधुमेह रोगियों में मोतियाबिंद सर्जरी और प्रबंधन पर दिया विशेष व्याख्यान
पटना में आयोजित बिहार ऑप्तेल्मोलॉजिकल सोसाइटी के 63वें वार्षिक सम्मेलन (BOSCON 2025) में राजन आई, हार्ट एंड लेजर सेंटर के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। सम्मेलन के प्रतिष्ठित ‘एक्सपर्ट कॉर्नर’ (Expert Corner) सत्र में डॉ. राजन गुप्ता और डॉ. सुनीता गुप्ता को बतौर ‘नेशनल गेस्ट फैकल्टी’ (National Guest Faculty) आमंत्रित किया गया।
14 दिसंबर को हॉल-बी (कौटिल्य) में आयोजित इस वैज्ञानिक सत्र में देश भर के नामचीन डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। इस दौरान डॉ. राजन गुप्ता और डॉ. सुनीता गुप्ता ने मधुमेह (Diabetes) और नेत्र शल्य चिकित्सा (Eye Surgery) के जटिल संबंधों पर अपने शोध और अनुभव साझा किए।
तकनीकी सत्र की मुख्य बातें:
डॉ. राजन गुप्ता ने “मधुमेह रोगियों में मोतियाबिंद सर्जरी” (Cataract Surgery in Diabetic Patients) विषय पर सत्र को संबोधित किया। अपने व्याख्यान में उन्होंने बताया कि मधुमेह के रोगियों में मोतियाबिंद का ऑपरेशन सामान्य रोगियों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने आधुनिक सर्जिकल तकनीकों और इंट्राओकुलर लेंस (IOL) के चयन में बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तृत चर्चा की, जिससे सर्जरी के बाद संक्रमण का खतरा कम हो और दृष्टि में अधिकतम सुधार हो सके।
इसी सत्र में, डॉ. सुनीता गुप्ता ने “नेत्र शल्य चिकित्सा में मधुमेह प्रबंधन” (Diabetes Management in Eye Surgery) विषय पर अपना वक्तव्य दिया। उन्होंने सर्जरी के दौरान ‘पेरी-ऑपरेटिव शुगर कंट्रोल’ (Peri-operative Sugar Control) के महत्व को रेखांकित किया। डॉ. सुनीता ने जोर देकर कहा कि सर्जरी की सफलता केवल ऑपरेशन थिएटर तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज के मेटाबॉलिक स्वास्थ्य और शुगर के सटीक प्रबंधन पर भी निर्भर करती है।
सम्मान और उपलब्धि:
बिहार के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञों और “स्टालवार्ट्स ऑफ ऑप्तेल्मोलॉजी” द्वारा नेशनल गेस्ट फैकल्टी के रूप में यह सम्मान प्राप्त करना गर्व का विषय है।
इस अवसर पर डॉ. राजन गुप्ता ने कहा, “BOSCON 2025 जैसे प्रतिष्ठित मंच पर ज्ञान साझा करना और बिहार के चिकित्सा समुदाय से जुड़ना एक सुखद अनुभव रहा। वैज्ञानिक सत्रों का स्तर अत्यंत उच्च था, और हम आयोजकों के शानदार आतिथ्य के लिए आभारी हैं।